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Monday, September 10, 2012

स्ट्राबेरी आइसक्रीम+पाइन एपल केक



Staying ok अच्छी किताब है, अभी तो आधा ही पढ़ा है और अभी पूरी तरह लगकर जिसे पढ़ना कहते हैं, उस तरह नहीं पढ़ पाती है, फिर भी मन में कहीं अंदर तक छू जाती हैं उसमें लिखी बातें, व उदाहरण. Family medical guide भी जून ने लाकर दी थी जब वह अस्वस्थ थी, अभी उसे भी पढ़ा नहीं है. कल जून फिर गया, जन्मदिन वाले घर में, बुलाया सभी को था, पर उसने कहा कि बासी भोजन सोनू व उसके लिए ठीक नहीं है, नूना को याद आया, वह कहना भूल गयी कि उसके लिए भी तो ठीक नहीं है, पेट के भारीपन की शिकायत वह भी तो कर रहा था. उन्हें आधा मीटर कपड़ा भी और देना है, उसकी बेटी की फ्रॉक के लिए जो उपहार में उन्होंने दिया, वैसा ही. उसकी सखी उनके घर नहीं आती, यह बात उसे अच्छी नहीं लगती, उसे अच्छी लगती होगी तभी वह ऐसा करती है, और अब कहीं दूसरी मित्र भी आना बंद न कर दे, उस दिन वह जबरदस्ती उसके यहाँ से गुलाब की कटिंग जो ले आयी थी. खैर...यही दुनिया है, यहाँ रूठना-मनाना तो चलता ही रहता है.

असम बंद के कारण आज दफ्तर बंद है, जून घर पर ही हैं. कल से ही बोडो का १९९ घंट का बंद भी शुरू हो गया है, देश में सबसे अधिक बंद असम में ही होते हैं. कल शाम वे उनके घर गए, पर वहाँ बैठना उसे अच्छा नहीं लग रहा था, उसकी सखी का ठंडा व्यवहार...शायद यह उसके मन का भ्रम हो.

आज देश के ५०० शहरों में नेहरु जन्मशती दौड़ हो रही है, दस लाख लोग दौड़ रहे होंगे इस वक्त. वह एक मित्र के लिए स्वेटर बना रही है. नन्हे के रोने की आवाज आयी तो वह बाहर गयी, देखा पडोस की उड़िया आंटी का हाथ पकड़े रोते-रोते वह आ रहा है, दूध वाले ने उससे कहा कि वह अपने साथ लेकर जायेगा तो वह डर कर रोने लगा. कुछ देर पूर्व ही गया था उनके घर. आज शाम को उन्हें एक और पार्टी में जाना है.

स्वप्न झरे फूल से
गीत चुभे शूल से
और हम खड़े-खड़े बहार देखते रहे
कारवां गुजर गया गुबार देखते रहे
अपनी जिंदगी पर नजर दौड़ाए तो यही दीखता है उसे. टीवी पर कुछ देर पहले स्ट्राबेरी आइसक्रीम और पाइन एपल केक बनाने का तरीका देखा, अच्छी तरह बताया है और तरीका भी आसान है. प्रेशर कुकर में भी केक बनाया जा सकता है, उन्होंने कभी प्रयास ही नहीं किया था.

आज उनके विवाह को पूरे चार वर्ष दो महीने हो गए. कल दोपहर बाहर लॉन में बैठकर Staying ok एक घंटा तक  पढ़ी. बेहद अच्छा लगा. सम्भव हुआ तो आज भी पढ़ेगी और हो सका तो भविष्य में भी. आज उसने बालों में शैम्पू किया है, शायद आज हेयर ड्रेसर के पास जाये, कभी सोचती है उसे बाल बढ़ाने चाहिए, पर ज्यादा लम्बे बाल तो उसके होते नहीं, अभी तक कुछ निश्चय नहीं कर पाई है कि...खैर देखा जायेगा. नन्हा उठकर बाहर आ गया है जहां वह बैठी है, नाश्ता करके वह बायीं ओर के साथ वाले घर में उससे एक साल छोटे बच्चे के साथ खेलने चला गया है, और वह यहाँ बैठी है कुछ सोचती हुई, दस-ग्यारह दिनों के बाद उन्हें जाना है, कल जून का मूड ऑफ था, बेहद उदास दिख रहे थे, उसके सिर में दर्द भी था शायद यही कारण रहा हो, या फिर घर की याद आ रही हो. पापा-माँ के बारे में वह उससे बात तो नहीं करते हैं, लेकिन मन में सोचते जरूर रहते हैं. इस हफ्ते के पत्र अभी लिखने शेष हैं, अभी लिखेगी. महरी अभी आई नहीं, सो बर्तन साफ होने के बाद ही खाना बनेगा. दीदी ने उसके पत्र का जवाब इस बार बहुत जल्दी दे दिया है. उसने सोचा, वह बनारस जायेगी तो अपनी किताबें भी ले जायेगी और वहाँ भी एक निश्चित दिनचर्या बना लेगी उसके अनुसार कार्य करने से परेशानी कम होगी और कार्य भी ज्यादा हो सकेगा.  



   



Sunday, February 5, 2012

पंजाब समस्या


कल रात उसने लिखा नहीं, बात कुछ विशेष नहीं थी, पर विशेष थी भी. शाम से ही वह दो बार छोटी-छोटी बात पर नाराज हुई, मूड ऑफ हो गया, बेबात ही कभी-कभी मन उदास हो जाता है पर उसके बाद ही खुशी का स्वाद भी बढ़ जाता है. कल पढ़ी पुस्तक का असर हो सकता है या कि उसे लगता है कि उसका जीवन अर्थहीन हो गया है. पहले अर्थयुक्त था ऐसा भी नहीं कह सकती. बस लगता है वह कुछ करती नहीं, या कि करना नहीं चाहती. खैर यह किस्सा बहुत लम्बा है. फ़िलहाल तो उसे कुछ और सोचना है, जून के कान का दर्द अभी भी ठीक नहीं हुआ. इस समय वह सो गया है नींद में दर्द खो गया होगा. अभी खबरों में सुना कि अकाली दल के नेता हरचंद सिंह लोंगोवाल पर हमला किया गया है. एक और बलि. पंजाब समस्या सचमुच कितनी उलझ गयी है. सुलझते-सुलझते रह जाती है. सिलाई का काम आज भी किया, कुछ शेष है. परिचितों से मेलमिलाप भी चल रहा है.