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Thursday, July 26, 2012

सर्दियों का सूरज




आज बुधवार है, पिछले बृहस्पतिवार उसे सर्दी लगी, जो जुकाम और कमजोरी में बदल कर सोमवार को भागी और इतवार की रात नन्हें को भी उससे सर्दी लग गयी. दिन भर स्वस्थ रहता है पर रात को उसका जुकाम बढ़ जाता है. ठंड भी तो कितनी बढ़ गयी है, पिछले दो-तीन दिनों से लगातार होती वर्षा के कारण. पर सोम, मंगल को भी डायरी न उठाने का कारण है जून की अनुपस्थिति, दो दिन के लिये वे खरसांग गए थे, कल शाम ही वापस आये हैं, कल दीवाली है इसलिए. वैसे भी वहाँ अभी कार्य नहीं था, एक बार फिर जाना होगा तीन-चार दिन के लिए. सुबह के समाचारों में अभी-अभी हुए आतंकवादियों के हमले के बारे में बताया जा रहा है. पता नहीं कब छूटेगा भारत इनके चंगुल से.
आज इंदिरा गाँधी का जन्मदिन है, अगर वह होतीं तो...कितने हफ्तों बाद डायरी उठाई है. सब कुछ व्यवस्थित लग रहा है. बस वह जून का पहले की तरह ध्यान नहीं रख पाती, नन्हें के साथ व्यस्त रहती है, उनके पास शाम का कुछ खाली समय रहता है, जिसमें कुछ कर सकते हैं उसने सोचा, वह उनसे किसी नए कार्य को शुरू करने की बात कहेगी. नन्हा आज देर से उठा अभी उसका स्नान नही हुआ है, वही रात का कुरता पहने है, अच्छा लगता है उसमें वह, शाम को उसकी वह बंगाली मित्र आपने माँ-पापा के साथ आ रही है. अब नन्हे ने ऊं ऊं शुरू कर दिया है.

नवम्बर का आखिरी दिन. सर्दियाँ अपने पूरे शबाब पर हैं. सुबह का सूरज बहुत सुखदायी है और गुलाब ज्यादा लाल हो गए हैं. अब जून को ठंड लग गयी है. धूप तेज हो गयी है वह बाहर से उठकर बरामदे में आ गयी. कल बड़े भाई का जन्मदिन है, उसने मन ही मन उन्हें शुभकामना दी.  




Thursday, April 12, 2012

अदरक की चटनी


आज सुबह कुछ देर के लिये और फिर शाम को उसे घबराहट हो रही थी, पर कुल मिलाकर दिन ठीकठाक ही रहा. सुबह वह इसी कारण देर से उठी, जून पहले ही उठकर चला गया था. दोपहर को फिर सो गयी एक स्वप्न भी देखा, उठकर शाम के नाश्ते के लिये बेसन का हलवा बनाया जो स्वप्न के कारण ही बनाया था. शाम को वे बाजार गए, उसे आजकल बाइक पर बैठना भी रास नहीं आता या हो सकता है यह उसका वहम हो, उसने सोचा. वे कई दुकानों पर गए, उसने ऊन खरीदी और अ पने लिये एक आधी बाँह का स्वेटर बनाना भी शुरू कर दिया है. कल उसी बंगाली मित्र की शादी की पहली सालगिरह थी, उन्होंने उसे एक छोटा सा उपहार भी दिया, वह जरूर खुश होगी. जून ने उसे समझा ही दिया है कि उसका यहाँ अकेला रहना ठीक नहीं है, बल्कि उसे ससुराल या मायके में रहना चाहिए जब वह मोरान में रहेगा, जैसे ही उसका काम खत्म होगा वह उसे लेने आ जायेगा. वह उसका बहुत ख्याल रखता है. नूना ने अदरक, टमाटर और प्याज की चटनी नुमा सब्जी बनायी उसे अच्छी नहीं लगी फिर भी उसने पूरा खाना उसी से खाया.