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Monday, August 20, 2018

हरी घास पर नंगे पांव



रात्रि के नौ बजने वाले हैं, जून गोहाटी में हैं, कल वापस आ रहे हैं. ‘वेस्ट फ्यूल मैनेजमेंट’ पर आज उन्हें एक प्रजेंटेशन देना है. कल रात ही सवा ग्यारह बजे डायरेक्टर का फोन आया, जिसमें आज गोहाटी जाने को कहा था. आज ही पूना में प्रधानमंत्री ‘स्मार्ट सिटी योजना’ का शुभारम्भ कर रहे हैं. गोहाटी को भी स्मार्ट सिटी समूह में रखा गया है. आज एक समाचार पढ़ा, नागालैंड का अलग ध्वज होगा तथा वहाँ जाने के लिए पासपोर्ट लेना होगा, यकीन नहीं होता कि ऐसा हो सकता है, जरूर किसी सिरफिरे ने अफवाह फैलाई है. दोपहर को उसने भांजी व उसकी सखी को कविताएँ मेल कर दीं. दोपहर बाद बाजार गयी, गाजर, टमाटर, कुंदरू, परवल, बैंगन, खीर, डांगबूटी, भिन्डी, अदरक व मिर्च सभी कुछ लिया. पूसी अब बिलकुल ठीक है, दोपहर को उसे मस्ती में सोते देखकर ऐसा लग रहा था जैसे कोई बच्चा सो रहा हो. प्रकृति कितनी विचित्र है, कितनी रहस्यमयी. छत पर दो भिन्न पक्षी भी दिखे शाम को, शायद बुलबुल. जैसे ही वह उनकी तस्वीर लेने निकट गयी, फुर्र से उड़ गये. छोटे से छोटा जीव भी दुःख नहीं चाहता, आनन्द चाहता है, प्रेम चाहता है. अपने अस्तित्त्व की रक्षा करना चाहता है अर्थात शक्ति चाहता है. प्रकृति ने मनुष्य के अलावा सभी प्राणियों को ये सब प्रदान किये हैं. मनुष्य का मन जितना-जितना शुद्ध होता जायेगा, भीतर ये सभी स्वतः प्रकट होने लगेंगे. ज्ञान वही है जो हर काल में सत्य है, विज्ञान की मान्यताएं बदल जाती हैं पर जीवन के मूलभूत मूल्य अनंत काल से वही हैं.

जून को डिनर का आमन्त्रण था पर वह घर पर ही भोजन कर चुके हैं और जाना नहीं चाहते हैं. जीवन कितना विरोधाभासी है, पहले युवाकाल में पार्टी में निमंत्रण के लिए चाहत थी, तब मिलते नहीं थे. अब देर रात तक जगना व्यर्थ लगता है. टीवी पर ‘सिया के राम’ आ रहा है. हजार बार सुनी देखी यह कथा आज भी कितने हृदयों को लुभाती है, संत इसे लीला कहते हैं. राम और रावण जिसकी दृष्टि में एक लीला के दो पात्र से अधिक कुछ नहीं, उसने शाश्वत को जान लिया है. कल क्लब की मीटिंग है, बंद के कारण आज प्रतियोगता में आने वाले निर्णायकों के लिए गुलदस्ते नहीं मिले. एक महिला का विदाई समारोह भी है, उसके लिए गुलदस्ता वह स्वयं बनाकर ले जाएगी. माली ने गुलदाउदी की कटिंग्स लगाने के लिए रेत तैयार कर दी है.

जुलाई का प्रथम दिन ! मौसम आजकल सुहावना चल रहा है, लगभग रोज ही वर्षा होती है और शीतल पवन बहती है. कल शाम उड़िया सखी को विदाई भोज के लिए घर पर बुलाया था. आज मंझली भाभी का जन्मदिन है, सासु माँ जब थीं, उनका भी जन्मदिन इसी दिन मनाते थे वे, उनसे पूछा तो उन्हें अपने जन्म की तारीख का पता नहीं था, पसंद का महीना पूछा तो बरसात का महीना बताया, इसीलिए वे कई वर्षों तक पहली जुलाई को ही उनका जन्मदिन मनाते रहे. बाद में पिता जी भी साथ रहने लगे तो दोनों का. भाभी से पता चला, बड़े भाई का स्वास्थ्य ठीक नहीं है. आज टेस्ट कराए हैं, वह कल पूछेगी, तब तक रिपोर्ट मिल जाएगी. जून के पैरों में भी गर्मी से जलन हो रही थी, और पीठ में दर्द भी था. उन्होंने ने भी रक्त जांच करवाई, सभी परिणाम सामान्य हैं. सुबह ओस की बूंदों पर नंगे पावों टहलना उनके लिए औषधि रूप है. कल से वे ऐसा ही करने वाले हैं. मोदीजी ने ओलम्पिक में जाने वाले खिलाडियों से बात की, उन्हें शुभकामनायें देकर विदा किया तथा मंत्रीमंडल में नये मंत्रियों को शपथ दिलाई. देश को विकास के पथ अपर ले जाने के लिए वह अपनी पूरी शक्ति लगा रहे हैं. देशवासी भी यदि उसी उत्साह से काम करें तो कितना अच्छा हो.