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Thursday, April 19, 2012

ट्रांजिट फ़्लैट


आज लोहड़ी है. शाम को वे बाजार से मकई के फुल्ले, मूंगफली  और रेवड़ी लाए थे. टीवी पर इस त्यौहार की कहानी भी सुनी. सुबह काफ़ी सर्द थी पर बाद में तेज धूप निकल आयी. छोटी बहन के कॉलेज में छुट्टी थी पर लोहड़ी के कारण नहीं, छात्रों की हड़ताल के कारण. उसने जून के लिये स्वेटर बनाना शुरू कर दिया है बिल्कुल वैसा ही जैसा उस किताब में देखकर उसने बनाने को कहा था. आज टीवी पर एक नाटक भी देखा ‘एक और आकाश’ उसने सोचा जून आज ट्रेन में होगा, कल सुबह कलकत्ता में होगा और परसों असम, एक रात उसे कलकत्ता में ट्रांजिट फ़्लैट में रहना होगा. वाराणसी में भी आज दिन भर सब उसकी यात्रा की तैयारी में लगे होंगे, यही बातें करते होंगे. अब उसका खत आने पर ही सब मालूम होगा.