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Wednesday, March 23, 2022

प्लूमेरिया के फूल



आज रामायण का अंतिम अंक प्रसारित होगा, कल से उत्तर रामायण शुरू होगी। आज सुबह मोबाइल पर एक सखी के भेजे सुबह के संदेश की घंटी सुनकर नींद खुली, जो परमात्मा की याद दिला गयी। दोपहर बाद नन्हे से बात हुई, उनकी कम्पनी ने अगले छह महीनों के लिए कर्मचारियों का वेतन कम करने का निश्चय किया है। सीनियर्स का वेतन पचास प्रतिशत, उसके नीचे क्रम से तीस, बीस प्रतिशत तक कम करते जाएँगे। जिनका वेतन पहले ही  कम है उनका  नहीं कटेगा। कोरोना का असर अगले छह महीनों तक तो रहने ही वाला है, इसके भी आगे जाएगा, शायद आने वाले कई वर्षों तक। वैसे भारत में लॉक डाउन का अच्छा प्रभाव देखने को मिल रहा है। मोदी जी के प्रयास की प्रशंसा हो रही है। उनके लिए कुछ पंक्तियाँ लिखीं। कोरोना के मामले पर अमेरिका और चीन का आमना-सामना हो रहा है। अमेरिका में हालात बिगड़ते जा रहे हैं। कुछ लोग कह रहे हैं जैविक हथियार की तरह इसका इस्तेमाल किया है चीन ने उसके ख़िलाफ़। एक न एक दिन चीन को इसका जवाब तो देना ही पड़ेगा। 


रात्रि  के नौ बजने वाले हैं। भ्रमण के लिए निकले तो रात की रानी के फूलों की गंध लिए ठंडी हवा बह रही थी। आजकल ढेर सारे फूल खिल रहे हैं  वसंत का मौसम है न, गुड़हल के पाँच रंग के फूल, लिली के दो ग्लोब के आकार के फूल और पारिजात तो रोज़ सुबह पूजा के लिए  मिल जाते हैं। शाम को आकाश में नारंगी सूर्यास्त देखा, प्लूमेरिया के फूलों से वृक्ष भरे हुए थे। सुबह पीछे वाले गेट से बाहर निकल कर खेतों की तरफ़ गये, तोरई के खेत देखे। वहाँ एक नई कालोनी भी बन रही है, धीरे-धीरे खेतों की ज़मीनें मकान बनाने के लिए बिकती जा रही हैं। वापस लौटते समय प्याज़ का एक खेत देखा। अचानक एक चील पक्षी ने सिर पर तेज़ी से प्रहार किया, पर न तो चोंच से न ही पंजे से, केवल पंखों से दबाव डाला और उड़ गया, फिर जाकर सामने  पेड़ पर बैठ गया। इतना सब होने में मात्र कुछ पल ही लगे होंगे। दूर से उसकी तस्वीर भी ली। संभवतः खेत के निकट ही उसका घोंसला रहा होगा, वह अपने बच्चों के लिए भयभीत हुआ होगा। सुबह उत्तर रामायण में कौशल्या और राम का अद्भुत संवाद सुना। 


आज शाम को नापा से सटे हुए खेत से तोरई, चीकू और नारियल ख़रीद कर लाए। माली ने उसी समय तोड़ कर दिए। आम के बगीचे से कच्चे आम भी कल मिले थे, उनका अचार बनाया है। आज पृथ्वी दिवस है, धरती माता ने अनगिनत उपहार मानव को दिए हैं। छोटी ननद से बात हुई, उसने बताया, बैंक खुलते हैं पर ग्राहक नहीं आते, लोग घरों से निकल कर संक्रमण का शिकार होना नहीं चाहते। जून ने पहली बार घर पर ही केश काटे। 

आज बहुत दिनों के बाद वर्षा हो रही है,  शाम से ही  बादल छाने लगे थे। उत्तर रामायण में  राम सीता का त्याग करके बहुत दुखी हैं, जनक उनसे मिलने आए हैं। लक्ष्मण भी भाई के दुःख से दुखी हैं। महाभारत में युद्ध का आरम्भ होने ही वाला है। आज दोपहर को गुरूजी द्वारा कराया ध्यान किया, जब से तालाबंदी हुई है, वह दोपहर व शाम दोनों वक्त ध्यान कराते हैं। आज से नैनी काम पर आने लगी है, घर काफ़ी साफ़ हो गया है और उनका काम कुछ आसान हुआ है। काफ़ी समय मिला तो कई मित्रों व सम्बन्धियों से देर तक फ़ोन पर बात की।  पिताजी ने उसकी कविताओं को फ़ेसबुक पर पढ़ा।