Showing posts with label नरेंद्र मोदी. Show all posts
Showing posts with label नरेंद्र मोदी. Show all posts

Monday, August 28, 2017

मोदी की कहानी


आजकल वह Andy Marino की नरेंद्र मोदी जी पर लिखी किताब पढ़ रही है. किताब बहुत रोचक है. मोदीजी की कर्मठता और नये-नये विचारों को अपनाने का गुण बहुत अच्छा है. वह हर काम को नये अंदाज में करना चाहते हैं. आज ब्लॉग पर नयी कविता पोस्ट की, ‘मन की बात’ पर. भारत और अमेरिका को ऐसे नेता मिले हैं जो राजनीतिज्ञ कम देशभक्त ज्यादा हैं. किसी व्यक्ति के बारे में बिना सच जाने कितनी गलत बातें फैलायी जा सकती हैं, पर सच एक न एक दिन उजागर हो ही जाता है. दिल्ली का चुनाव उनके लिए एक चुनौती है.

रात्रि के साढ़े नौ बजे हैं, जून के दफ्तर में आज ऑडिटर आये थे, उनका डिनर क्लब में है. कल दोपहर लंच भी बाहर ही होगा. कल रात देर तक सजगता बनी रही. नींद के लिए तमोगुण चाहिए. सुबह व्यायाम करने से पहले तन में अलस लग रहा था, पर बाद में तन-मन दोनों हल्के हो गये. आज शाम को वे एक वृद्ध महिला के घर गये, जिनकी बहन ह्यूस्टन से आयी हुई हैं, वर्षों पहले वे जब अमेरिका गये थे, उनके घर भी गये थे. उसने सोचा उस समय लिखा हुआ अपना लेख उन्हें दिखाएगी, पर वह नहीं मिला. इसी तरह बोस्टन की यात्रा पर लिखा संस्मरण भी अवश्य कहीं तो होगा.

कल क्लब में मीटिंग थी, जहाँ BMI तथा BMR अदि टेस्ट करवाया. एक महिला अपने साथ सारे उपकरण लेकर आई थीं, सभी को उनकी रिपोर्ट के आधार पर भोजन आदि में बदलाव करने की सलाह भी दी. कल रात को ओले गिरे, समाने वाला बरामदा सफेद छोटे-छोटे दूधिया ओलों से भर गया था. जून दोपहर को दो बजे घर आये, ऑडिटर चले गये हैं, अभी भी कुछ काम शेष है. नन्हे से होली पर घर आने को कहा है. आज सुबह किशोर कुमार के कई अच्छे गीत सुने, फिर जगजीत सिंह की गजलें. संगीत दिल को गहराई तक छू जाता है.

फरवरी का प्रथम दिन ! आज मौसम खिला रहा दिन भर ! सुबह आकाश विभिन्न रंगों से आच्छादित था, हवा में फूलों की सुवास. आज फलाहार का दिन था, पर दिन भर के हल्के भोजन के पश्चात शाम के लिए जून ने कोटू के आटे का हलवा बना दिया जब वह बच्चों की संडे क्लास में गयी थी. आज वह गुलदाउदी का एक पौधा लायी बाजार से !

जून आज जोरहाट गये हैं, कल लौटेंगे. सुबह उसने पोहा-मटर का नाश्ता बनाया. दोपहर के भोजन में देह के लिए ज्वार की रोटी बनायी. आत्मा के भोजन के लिए प्रवचन सुने. विवेकानन्द की जीवनी पढ़ी. मन की तृप्ति के लिए ब्लॉग पर पोस्ट लिखीं. आज तेज चलने का अभ्यास अभी तक नहीं हुआ है, क्लब में होने वाली मीटिंग के लिए जाने में कुछ अभ्यास तो हो ही जायेगा और ‘फिटबिट’ के अनुसार आज का कोटा पूरा हो जायेगा.