Tuesday, July 16, 2013

रसभरे गुलाबजामुन


चुप-चुप रहना कुछ नहीं कहना  
अपनी धुन में खोये रहना...

पीटीवी पर यह सुंदर गीत अभी-अभी सुना, जाने क्यों पाकिस्तानी संगीत उसे अंदर तक छू जाता है, राहत देता है. Soothing to nerves

देखो हरसूं फूल खिले हैं
साजन बरसों बाद मिले हैं
उनको हमसे बहुत गिले हैं
कितनी कलियाँ महक रही हैं
जब से उनके होंठ हिले हैं...

आज सुबह फोन की घंटी सुनकर बेड से उठी, आँख पहले ही खुल गयी थी. जून का संदेश था उनके सहकर्मी के द्वारा, वे लोग आज शाम की जगह कल सुबह  आ रहे हैं. माँपापा की ट्रेन २० घंटे लेट है. कल रात को देर तक नींद नहीं आ रही थी, बाद में स्वप्न में असमिया सखी से मिली, और दीदी से भी, वह भी डॉक्टर है, वह अपनी स्वास्थ्य समस्या के बारे में उन्हें बता रही है. रात से ही कभी-कभी हल्का दर्द होता है, उसने सोचा, क्या एक बार फिर उसे उस सब से गुजरना होगा. ईश्वर उसकी परीक्षा ले रहे हैं ! लेकिन इस बार दर्द सहना आसान होगा. पर हो सकता है दवा लेने से ही ठीक हो जाये, उसे कल या परसों डॉक्टर को दिखा लेना चाहिए, उसे विटामिन सी, जिंक और प्रोटीन की जरूरत है, क्योंकि उसका जख्म देर से भर रहा है. आज से नियम से चार आंवले खाने शुरू करेगी, हर रोज दो सुबह, दो शाम को.

परसों माँ पापा आये और घर जैसे फिर से स्पंदन युक्त हो गया है. इतने सालों तक अकेले-अकेले रहने के बाद उन तीनों को सभी के साथ रहना अच्छा लग रहा है. इस वक्त वे दोनों आँख टेस्ट करने अस्पताल गये हैं. उसका मन शांत है और आँखों में मुस्कुराहट की कलियाँ चटख रही हैं. जून भी बहुत खुश हैं और नन्हा भी, पर कभी-कभी वह शांत हो जाता है. दीवाली को मात्र चार दिन रह गये हैं. कल पटाखे और दीए भी आ गये हैं. गुलाब जामुन के लिए गिट्स का पैकेट भी. जून उसके लिए एक बहुत सुंदर ड्रेस लाये हैं, अभी तक पहन कर नहीं देखी है, इतनी सुंदर है कि पहनने से डर लगता है. उसने अपनी एक सखी को फोन पर बताया, उसे अच्छा लगा होगा पर कुछ लोग ख़ुशी जाहिर करने में भी कंजूसी करते हैं. माँपापा भी उन तीनों के लिए कपड़े लाये हैं. उन दोनों को पसंद आए पर नन्हे के कपड़े खरीदना उन्हें उतनी अच्छी तरह से नहीं आता. कल लेडीज क्लब की एक महिला सदस्या ने अपना लेख भेज दिया एक ने आज शाम तक भेजने को कहा है. कल तक टाईप भी हो जायेंगे और शाम तक वह भिजवा देगी. आज दोपहर को हिंदी कक्षा के लिए भी जाना है.

जान कहके जो बुलाया तो बुरा मान गये
और न जो उनको बिठाया तो बुरा मान गये
आईना उनको दिखाया तो बुरा मान गये
वह थे बेहोश मुझे होश में लाने के लिए
और जब होश में आया तो बुरा मान गये  


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