लाइफ डिवाइन के विषय में आज उसने डाक्टर आलोक पांडे को सुना।जो एक मनोचिकित्सक हैं और श्री अरविंद आश्रम और श्री अरविंद इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंट्रिगल हेल्थ एंड रिसर्च से जुड़े एक आध्यात्मिक विचारक और लेखक हैं। इंट्रीग्रल योग पर उनके व्याख्यान बहुत अच्छे होते हैं। एक बार नन्हा उनकी दो किताबें भी लाया था। उसके बाद गुरुजी का एक वीडियो देखा, जहाँ वह वास्तविक और आभासी दुनिया में अंतर बता रहे थे। उन्होंने कहा, मन में जो भी विचार यूँ ही चलते रहते हैं, उनका कोई आधार नहीं है, वे कल्पना मात्र ही हैं, उन्हें देखने वाली चेतना ही वास्तविक है। बाद में गुरुजी ने यह भी कहा, कि एक साधक को यह सोचने के स्थान पर, कि मेरा क्या होगा? यह कहना होगा कि मैं आपके लिए क्या कर सकता हूँ? वास्तव में साधक वही है, जिसे इस लोक और उस लोक की किसी भी वस्तु के लिए आकर्षण नहीं रह गया है।
आज शाम भी वे झील तक गये, एक घंटे के भ्रमण के बाद घर आकर गुनगुने पानी में काला नमक व नींबू का रस मिलाकर पीया। आयुर्वेद के अनुसार यह अच्छा नुस्ख़ा है। रात्रि भोजन में फलाहार लेना है, सप्ताह में एक समय ऐसा करना भी उत्तम है। कल शाम वे नन्हे के यहाँ जाएँगे, परसों सुबह इरोड जाना है, नन्हे के एक मित्र के गृह प्रवेश में सम्मिलित होने के लिए। एक नया स्थान देखने को मिलेगा और एक नया रास्ता भी। उस दिन वायनाड से आते समय फूलों के खेत देखे थे, शायद इस इस मार्ग में भी हों। कल रात को जो स्वप्न देखे, उसमें दोपहर को देखी फ़िल्म भी एक वजह हो सकती है। नींद में और स्वप्नों में चेतन मन सजग नहीं रहता, जैसे किसी सम्मोहन के अन्तर्गत वहाँ घटनाएँ होती हैं। समाचारों में सुना, चंद्रयान-३ के लैंडर और रोवर अलग हो गये हैं।
कल व परसों नूना ने डायरी नहीं खोली। परसों शाम सवा छह बजे वे नन्हे के घर पहुँचे और कल सुबह सूर्योदय से पूर्व ही हेगेनेक्कल के लिए रवाना हुए। नन्हा गाड़ी बहुत तेज चलाता है। दोपहर तक वे उसके मित्र के घर पहुँच गये थे। मार्ग में कावेरी नदी के तट पर कुछ देर के लिए रुके। वहाँ ‘अंबुज’ नामक एक वृक्ष था, जिस पर लाल फूलों की मंजरियाँ लगी थीं। तितलियों के कई झुंड उन पर मंडरा रहे थे। सबने कुछ तस्वीरें उतारीं, वीडियो भी बनाये। नन्हे ने ड्रोन से पूरी झील के चित्र लिए।मार्ग में तमिलनाडु के कई गाँव देखे, जिन्हें देखकर ऐसा लगा कि यहाँ कर्नाटक से कम विकास हुआ है ।नन्हे के मित्र के यहाँ उसकी माँ से भेंट हुई, उसकी बहन-जीजाजी व उनके दोनों बच्चों से भी। उसकी पत्नी ने कुछ दिन पहले ही बेटे को जन्म दिया है, इसलिए वह गृह प्रवेश के उत्सव में नहीं आयी थी, जबकि उसके पिताजी उपस्थित थे। उन्होंने बताया वह हल्दी और गन्ने की खेती करते हैं। गुड़ बनाकर बाहर भी भेजते हैं। घर से बाहर बीती दोनों रात्रियों को विचित्र स्वप्न देखे। पहले स्वप्न में उड़ते हुए बहुत से काले कौवे देखे, जिन्हें तीरों की तरह निर्देशित किया गया था।दूसरी रात्रि के स्वप्न में एक बस में से कुछ लड़कियों को उतरते हुए देखा। एक छोटी सी लड़की सफ़ेद साड़ी पहने थी, पर उसकी आँखों पर बल्कि पूरे चेहरे पर ही सफ़ेद पट्टियाँ बंधी थीं, लेकिन वह अपने आप ही चल रही थी, वह देख पा रही थी।कल रात्रि लगभग आठ बजे वे इरोड से वापस आये। नन्हे ने भोजन का प्रबंध रास्ते से ही कर दिया था, वे घर पहुँचे तो भोजन आ चुका था। आज सांध्य भ्रमण के लिए वे निकट की एक झील पर टहलने गये।
आज शाम से पूर्व वे सोसाइटी में स्थित अमरूद के एक बगीचे से ढेर सारे अमरूद ख़रीद कर लाए, उनकी बहू ने तोड़ कर दिये।उनके पेड़ों पर अमरूद पककर नीचे गिर रहे हैं। शाम को एक मित्र परिवार आया तो उन्हें खिलाए, काटने पर लाल निकले और बहुत मीठे थे। दोपहर को छोटे भाई और उसके एक मित्र के लिए कविताएँ लिखीं। उसके मित्र भी इस बार सेवानिवृत्त हो रहे हैं। वर्षों पूर्व दोनों पहली बार एक क़स्बे के बैंक में मिले थे। कुछ वर्ष साथ काम किया पर मित्रता की मशाल पूरे कार्यकाल में जलती रही।
आज भारत के लिए ऐतिहासिक दिन है, भारत के इसरो का चंद्रयान-३ चाँद के दक्षिणी ध्रुव पर पहुँच गया है। प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति ने इस उपलब्धि को मानवता के लिए उपयोगी बताया है। मोदी जी का संदेश अनोखा था, अमृत काल में धरती पर लिया संकल्प आकाश में साकार किया। भारत अब विश्व के उन चार देशों में सम्मिलित हो गया है, जिन्होंने चाँद पर कदम रखा है।२६ किलो के प्रज्ञान रोवर को मिलाकर १७५२ किलोग्राम के विक्रम लैण्डर ने चंद्रमा की सतह पर सुरक्षित और सॉफ्ट लैंडिंग कर ली है। प्रज्ञान छह पहियों वाला एक रोबोटिक वाहन है, जो चंद्रमा की सतह पर घूमते हुए वहाँ के तत्त्वों का अध्ययन करेगा।आज दिन भर लोगों ने बहुत पूजाएँ कीं और मन्नतें भी माँगी जा रही थीं। भारत की जी-२० अध्यक्षता के अन्तर्गत आज सांस्कृतिक कार्य समूह की अंतिम और चौथी बैठक वाराणसी में आरम्भ हुई। जिसके परिणाम दस्तावेज को ‘काशी संस्कृति मार्ग’ नाम दिया गया। इसमें सांस्कृतिक संपदा की तस्करी रोकने, जीवित विरासतों को सहेजने और डिजिटल तकनीकों का उपयोग करने पर वैश्विक सहमति बनी। भारत के युवा शतरंज खिलाड़ी प्रज्ञानंद, जिन्हें बहुत कम उम्र में ग्रैंडमास्टर की उपाधि मिल गयी थी, शतरंज के विश्व कप के फ़ाइनल में पहुँच गये हैं। उनका मुक़ाबला मैग्नस कार्लसन से होने वाला है।
आज सुबह भी जून ने धोने के लिए पर्दे मशीन में डाले थे। छह दिनों में घर के सारे पर्दे धुल कर लग गये हैं। हिमाचल प्रदेश में फिर से वर्षा होने लगी है। पिछले हफ़्ते ही वहाँ भूस्खलन हुआ था और कई लोगों की जान सीजली गयी थी। अभी भी औरेंज अलर्ट जारी कर दिया गया है। इस वर्ष वहाँ लोगों को वर्षा का भारी क़हर झेलना पड़ रहा है, कई पुल बह गये, बिजली-पानी की आपूर्ति में बढ़ा पड़ी और कई स्कूल-कॉलेज भी बंद करने पड़े हैं। आज एक सखी का फ़ोन आया, दिसंबर में बिटिया की शादी की खबर देते हुए वह बहुत खुश लग रही थीं। कहने लगीं, पुत्र को बहन की विदाई का दुख अभी से होने लगा है। नूना की चंद्रयान पर लिखी कविता फ़ेसबुक पर कुछ लोगों ने पढ़ी है। एओएल के अनुवाद कार्य के अलावा आज लेखन का कोई अन्य कार्य नहीं हुआ।

