पिनोकियो
आज असम में ‘विश्वकर्मा पूजा’ मनायी जा रही होगी, उन्होंने ऑनलाइन ही मना ली, नूना ने कविता पोस्ट की, जून ने व्हाट्सएप पर सभी को शुभकामनाएँ भेजीं।।आज पहली बार वे दोनों पिछली लेन के केरल वासी एक पड़ोसी परिवार के यहाँ गये।वे लोग हिन्दी अच्छी तरह जानते हैं। इसी वर्ष वे मेघालय जाने वाले हैं, कई बातें जानना चाहते थे, जून ने उन्हें उपयोगी जानकारी दी।आज मोदी जी का जन्मदिन है, देश भर में कई कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं। वह देश के प्रथम सेवक हैं, देश के कल्याण के लिए पूर्ण समर्पित नेता ! आज उसने आई पैड पर जर्मन विद्वान फ़्रेडेरिक मैक्स मुलर की एक अति प्राचीन पुस्तक पढ़नी शुरू की है, ‘व्हाट वी कैन लर्न फ्रॉम इंडिया’। जो कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में भारतीय सिविल सेवा के उम्मीदवारों को दिये गये उनके भाषणों का संकलन है। ब्रिटिशर्स के मनों से भारत के प्रति पूर्वाग्रहों को दूर करना और भारत की प्राचीन संस्कृति को उजागर करना ही संभवत: उनका उद्देश्य था।
आज बच्चे साढ़े ग्यारह बजे आ गये और शाम को सात बजे गये।नूना ने ‘कैनवा’ पर कार्ड बनाना सीखा, जो बहुत ही रोचक ग्राफ़िक डिजाइनिंग प्लेटफ़ार्म है, यहाँ कोई आसानी से पोस्टर, कार्ड आदि बना सकता है। कल उसे डेंटिस्ट के पास जाना है।छोटी भांजी से बात हुई, वह बैंगलोर आ रही है, उसके तीन नन्हे दुलारों से मिलकर बहुत अच्छा लगेगा।
डेंटिस्ट ने कहा, नया दाँत इंप्लांट करना पड़ेगा, काफ़ी खर्च होगा व समय भी लगेगा।आज इंग्लैंड की महारानी का अंतिम संस्कार हो गया।
आज सुबह वे रक्त जाँच के लिए गये, कल दोपहर को रिपोर्ट मिल जाएगी, अगले सोमवार को डेंटिस्ट के पास जाना है। उडिपी में नाश्ता किया, कुछ देर आश्रम में धूप में बैठे और ध्यान किया। वापस आकर उसने दाँतों पर एक कविता लिखी, जो सुबह से ही मन में आ रही थी। हिंदी में दाँतों पर अनेक मुहावरे हैं, एक से बढ़कर एक। बहुत दिनों बाद शाम को ‘विष्णु सहस्त्रनाम जप’ में सम्मिलित होने गई। एक नन्हा सा बच्चा पूरे समय बैठा रहा, शांति से सुनता रहा और बाद में प्रसाद भी लेकर आया। दो हिंदी भाषी महिलाएँ भी मिलीं। शुक्रवार को ‘ललिता सहस्त्रनाम’ का जप होगा।
आज रक्त जाँच की रिपोर्ट आ गई है।प्रिडायबिटीज़ के लक्षण हैं। विटमिन डी भी कम है। पहले तो मन कुछ विचलित हुआ, फिर पढ़ा भारत में लगभग २५-३० प्रतिशत लोगों को मधुमेह है, वह भी उनमें एक से एक हो सकती है, यदि समय पर कदम नहीं उठाये। भोजन के बाद या फ़ास्टिंग शुगर टेस्ट नहीं करवाया था, बल्कि HbA1c टेस्ट करवाया था, जो पिछले तीन महीनों के शुगर लेवल को बताता है। कल से खाने में कुछ परिवर्तन करने हैं। दोपहर को सोना भी बंद करना होगा। व्यायाम अधिक करना होगा। आज सुबह समय से उठे थे, प्रातः भ्रमण के बाद छत पर आसन भी किए, हवा शीतल थी। सूर्योदय देखते हुए सूर्य नमस्कार करना तथा धूप की चमक चेहरे पर महसूस करते हुए प्राणायाम करना बहुत ही आनंददायक था।जून को आज दस दिनों बाद अपनी गाड़ी वापस मिल गई। सुबह वे सब्ज़ी लेने गये थे, अब अधिक महँगी हो गयीं, ऐसा उन्हें लगा।
आज शाम को पाँच बजे भांजी आयी थी अपने तीनों बेटों के साथ, उसके सास-ससुर भी साथ थे। नौ बजे से कुछ पहले वे लोग चले गये, बच्चों को नींद आ रही थी। उनका छोटा सा साथ अच्छा लगा, नाश्ते के बाद उन्हें मैंगो पार्क घुमाने ले गये, झूला पार्क भी। आम के बगीचे में बच्चे बहुत ही सहजता से पेड़ों पर चढ़ गये।झूलों पर भी बहुत मज़ा किया। घर लौटे तो नन्हा उन्हें कंप्यूटर गेम खिलाता रहा। नन्हा और सोनू, बच्चों की पसंद के बहुत से व्यंजन बनाकर लाए थे।
आज महीनों बाद दीर्घ सुदर्शन क्रिया करने का अवसर मिला। अच्छा लगा। दोपहर को भांजी के आगमन पर एक कविता लिखी और भेजी। उन्हें यकीनन अच्छा लगा होगा पढ़कर, पापाजी को भी पसंद आयी। कल से नवरात्रि का उत्सव आरम्भ हो रहा है।
मोह व आसक्ति आदमी को बहुत दुख देते हैं। आज सुबह से इसका अनुभव हो रहा है, हुआ है। अहम् और ममता दोनों ही आत्मा को अनुभव करने में बहुत बड़ी बाधा हैं। परमात्मा की अखंड समीपता का अनुभव करने के लिए मन को राग-द्वेष से मुक्त रहना होगा। जिस वस्तु, व्यक्ति या परिस्थिति से वे जितना अधिक सुख चाहते हैं, वह उतना ही दुख का कारण भी बनता है। आज शाम को मृणाल ज्योति की एक मीटिंग में भाग लिया। उससे पूर्व अनुवाद कार्य।
आज शाम वे आश्रम गये थे। ‘कला अर्पण’ के अन्तर्गत कुछ कार्यक्रम देखे। गायन व नृत्य दोनों ही बहुत उच्च कोटि के थे, पर सबसे अच्छा लगा सूर्यास्त का दर्शन, झुंड में उड़ते हुए पक्षी अपने नीड़ों की ओर जा रहे थे। हवा शीतल थी और आकाश सिंदूरी ! रुद्र पूजा अभी शुरू नहीं हुई थी, गुरुजी नहीं आये थे, पर जून को घर आने की जल्दी थी, सो वे सात बजे तक घर आ गये। शेष कार्यक्रम यू ट्यूब पर देखा।
सुबह दस बजे वे डेंटिस्ट के पास जाने के लिए निकले, ग्यारह बजे पहुँच गये। अनुभव अच्छा रहा। ओटी में जाने से पूर्व पीने के लिये ग्लूकोज़ दिया गया। पूरी प्रक्रिया में लगभग दो घंटे लगे।पहले एक दाँत निकाला, फिर दो प्रत्यारोपण किए। अड़तालीस घंटे तक सावधानी बरतने को कहा है। अभी तक तो कोई दर्द नहीं है। डेंटिस्ट के यहाँ से वे नन्हे के घर चले गये, वही खिचड़ी व सब्ज़ी खायी।सोनू ने रात के लिए भी कुछ दे दिया है। उसने बहुत ध्यान रखा।
आज गुजरात में पहली बार राष्ट्रीय खेलों का उद्घाटन हुआ। सात साल के बाद ये खेल हो रहे हैं, जिसमें सात हज़ार से अधिक खिलाड़ी छत्तीस अलग-अलग खेलों में भाग लेंगे।उसके दाँत में दर्द नहीं है, सूजन अभी भी है। दिन भर घर में ही रहे, विश्राम किया, कल भी ज़्यादातर आराम करना है, परसों से सामान्य दिनचर्या शुरू हो जाएगी।
सितम्बर का अंतिम दिन ! इस समय दायें गाल में सूजन कम है। आज शाम को टहलने भी गये। पापाजी से बात हुई, बड़े भाई उनके पास आये हुए हैं, उन्होंने ‘पिनाकियो’ फ़िल्म दिखायी पापाजी को। जिसमें एक लड़का पिनाकियो, जब भी झूठ बोलता है, उसकी नाक लंबी हो जाती है। इस चरित्र को लिखा था इटली कार्लो कोल्लोडी ने।उसने आज सुबह-सुबह लिखी अपनी एक कविता प्रकाशित की। जिसका भाव था, वे जीवन का सत्य जानते हैं, पर अपना समय व ऊर्जा व्यर्थ ही नष्ट करते हैं। बहुत दिनों से उनके पांडिचेरी जाने की बात चल रही थी, आख़िर तय हो गया, चार दिन बाद वे जा रहे हैं। आज वहाँ के दो-तीन वीडियो देखे। वहाँ के दर्शनीय स्थलों में बहुत सुंदर समुद्री तट हैं, जो इसे पर्यटकों के लिए आकर्षक बनाते हैं। फ़्रेंच कालोनी, ऐरोविल आश्रम, महर्षि अरविंद आश्रम तथा कई चर्च भी हैं। प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर एक जंगल भी है। अवश्य ही उन्हें वहाँ बहुत कुछ सीखने को मिलेगा।
इतने दिनों से नूना इतनी सारी दवाइयाँ ले रही है। उनका असर आज पता चल रहा है, पेट में हलचल है। टहलना, व्यायाम कुछ भी तो नहीं हो रहा है। दो दिन बाद या फिर परसों से ही व्यायाम शुरू किया जा सकता है। सुबह छोटे भाई का फ़ोन आया, छोटी भतीजी का आज ‘रोका’ होने वाला है। कल बापू का जन्मदिन है शास्त्री जी का भी, एक कविता लिखी है।

