कूनो के चीते
आज शाम वे ‘गणेश पूजा’ देखने गये, पूजा पंडाल बहुत सुंदर बना है, उस समय गायन चल रहा था। बंद पंडाल में गर्मी के कारण वे अधिक देर नहीं बैठ सके।आज उसने सफ़ेद पेठे की स्वादिष्ट सब्ज़ी बनायी, बचपन से आज तक केवल उसकी मिठाई ही खायी थी। यू ट्यूब पर सुना पाकिस्तान ने भारत से मदद लेने से इंकार कर दिया है। जब तक कश्मीर का मसला हल नहीं हो जाता, वह भारत से व्यापार नहीं करेगा। कितना अजीब मुल्क है पाकिस्तान। शाम को दीदी-जीजाजी से बात हुई। आज काफ़ी समय बाद जीजा जी ख़ुद गाड़ी चलाकर पापाजी से मिलने गये थे, बहुत खुश लग रहे थे। उन्होंने रात को सपने में देखा, दीदी को घुमा रहे हैं, सुबह उठे तो स्वयं को तरोताज़ा पाया, सो आ गये। छोटी बहन उनके आने से बेहद खुश थी।दिल को दिल से राह होती है। कल बच्चे जल्दी आ जाएँगे।भांजे के रोके की ख़ुशी में घर में पार्टी है।लड़की वाले भी आयेंगे।
आज का आयोजन अच्छा रहा। नन्हा और सोनू ने लंच बनाने में बहुत मदद की, परोसा भी सलीक़े से। कुल एक दर्जन लोग हो गये थे। शांत स्वभाव की भावी वधू की दादीजी सबसे मिलकर बहुत प्रसन्न हुईं। पिछले वर्ष कोविड में लड़की के पिताजी नहीं रहे।विवाह अगले वर्ष होगा।दोपहर बाद सभी को पूजा पंडाल में गणेश भगवान की मूर्ति का दर्शन कराया।
शिक्षक दिवस पर नूना ने दो रचनाएँ पोस्ट कीं। काव्यालय पर प्रकाशित हुई कविता पर कई प्रतिक्रियाएँ आयी हैं। आज ‘वृहदराण्यक उपनिषद’ पर आगे सुना, वक्ता बहुत ही दिल से शंकर भाष्य प्रस्तुत कर रहे हैं।यह शुक्ल यजुर्वेद के शतपथ ब्राह्मण का अंतिम कांड है। इसके मुख्य संकलन कर्ता ऋषि याज्ञवल्क्य है। कल रात फिर तेज वर्षा के कारण बैंगलुरु में कई स्थानों पर पानी भर गया। भांजे को नन्हे के घर आना पड़ा है। उसकी बिल्डिंग में पानी भर गया है। वहाँ बिजली भी नहीं है। सुबह टहलते समय एक किंगफ़िशर पंछी की तस्वीर उतारी, उसके नीले पंख धूप में चमक रहे थे।
आज कक्षा सात की एक नयी छात्रा हिंदी पढ़ने आयी। छोटी बहन पिछले दिनों ऑन लाइन योग साधना करवा रही थी। कल वह वापस चली गई। आज से आर्ट ऑफ़ लिविंग का ऑन लाइन हैप्पीनेस कोर्स शुरू हो गया है, जिसमें नन्हा और सोनू भी भाग ले रहे हैं। ऑफिस के साथ-साथ उनके लिए समय निकालना कठिन तो है, पर यदि मन में इच्छा हो तो हर काम किया जा सकता है। सुबह वे टहलने गये तो हल्की झींसी पड़ रही थी, हवा शीतल थी। उन लोगों का ख़्याल आता रहा जिनके घरों में पानी घुस गया है और जिन्हें होटलों में जाना पड़ा है। मृणाल ज्योति का एक वीडियो देखा, काफ़ी कुछ बदल गया है वहाँ, देखकर अच्छा लगा। शाम को पापाजी से हुई बातचीत को रिकॉर्ड किया, उन्होंने बहुत अच्छी बातें बतायीं।
आज सुबह से वर्षा रुकी हुई थी, पर शाम से पहले ही शुरू हो गई। इस बार वर्षा ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिये हैं। बैंगलुरु में स्थित दो सौ से अधिक झीलों में से आधी से ज़्यादा में पानी ऊपर आ गया है, सड़कों पर और घरों में भर गया है। भतीजी के लिए एक कविता लिखी, अभी इस महीने पड़ने वाले चार जन्मदिन पर और लिखनी हैं। आज समाचारों में सुना, इंग्लैंड की महारानी के निधन के बाद आकाश में बादलों ने उन्हीं का आकर ले लिया और इंद्रधनुष भी बन गया। प्रकृति रहस्यमयी है।
आज बच्चे आये थे, दिन भर वे साथ रहे, वही बोर्ड गेम खेला। उनके जाने के बाद एक कविता लिखी उन्हीं के लिए। शाम को टहलते हुए वे सोसाइटी में कुत्तों के लिए बने नये पार्क को देखने गये।
आज सुबह उठते ही छोटी बुआ के देहांत का समाचार मिला। वह काफ़ी अरसे से बीमार थीं। फुफेरे बहन-भाई से बात हुई। पड़ोसी और उनके दफ़्तर के लोगों के सहयोग से सब कार्य हो गया।छोटा भाई महीने के अंत में जायगा। आज डिस्कॉर्ड पर एक-दो चित्र बनाये। जून ने अपनी कार सर्विसिंग के लिए दी है, नन्हा अपनी कार छोड़ गया है।शाम को टहलने गये तो बूँदाबाँदी शुरू हो ज्गई, इस वर्षा में पहली बार वे भीग गये। पिछले वर्ष एक से अधिक बार भीगे थे। आज हिन्दी दिवस है, सुबह कुछ पंक्तियाँ लिखीं, जो ब्लॉग पर प्रकाशित कीं। पापाजी ने किताबों के महत्व पर प्रकाश डाला, पढ़ना उनका भी प्रिय कार्य है। आज सुबह भ्रमण करते समय उसने जून को गौतम बैद की पुस्तक ‘द जॉयस ऑफ़ कंपाउडिंग’ के बारे में बताया। यह किताब शेयर मार्केट में इन्वेस्ट करने तरीक़ों के साथ-साथ जीवन के सामान्य सिद्धांतों की चर्चा भी करती है। सुबह जून के पोर्टफोलियो में से दो में और इन्वेस्ट भी किया। जीजाजी ने बताया, ‘यस बैंक’ के शेयर्स में उन्हें काफ़ी लाभ हुआ। छोटी बहज का फ़ोन आया, उसने सपने में देखा, जून आस्ट्रेलिया में नौकरी कर रहे हैं। वह रोज़ सुबह ऑनलाइन योग सिखा रही है।दीदी को अंग्रेज़ी में वार्तालाप करने का शौक़ अब नहीं रहा। आज सुबह समधिन का फ़ोन आया, उन्होंने कहा, आज से संकल्प लिया है, हिंदी में बात करेंगी।
कुछ देर पहले वर्षों पुरानी एक परिचिता का फ़ोन आया, उनकी बहू व पोता तीन साल के बाद घर आ रहे हैं।वह बेहद खुश थीं। पर परेशान भी हैं, क्योंकि घर में चार भाइयों में बँटवारा हो रहा है। जीवन ऐसा ही है, कभी ख़ुशी-कभी ग़म ! जो सुख-दुख के पार निकल गया वही इसे लीला की तरह देख कर समता में बना रहता है। आज शाम को बहुत दिनों के बाद पौधों में पानी दिया, पिछले दिनों रोज़ ही वर्षा हो रही थी, अब रुक गई है। आज दोपहर को टीवी पर ‘निराला’ के बारे में एक अच्छा कार्यक्रम देखा; जिसमें महादेवी वर्मा को उनके बारे में बात करते हुए सुना। उनके ऊपर एक आलेख लिखना है। उनकी रचनाएँ भी पढ़नी हैं। कल नन्हे ने कई फलों के रस के पैकेट्स भेजे और कहा इन्हें आप ड्राइव पर ले जायें, उसका उत्साह देखकर नूना को भी उत्साह जगा और उसका उत्साह देखकर जून ने गाड़ी निकाली, फिर वे एक झील पर गये, सूर्यास्त के दृश्य अनोखे थे, वहाँ से वीडियो पर पापाजी को भी झील के दर्शन कराये। उन्हें तस्वीरें भी भेजी हैं। आज मोदीजी उज़बेकिस्तान गये हैं, वहाँ शंघाई सहयोग संगठन (एसीएसईओ) की मीटिंग हो रही है। भारत ने इसमें ‘एक पृथ्वी-एक परिवार-एक भविष्य’ का नारा देकर ‘वसुधैव कुटुंबकम्’की भावना को आगे बढ़ाया है। आज भारत में नामीबिया से आठ चीते आ रहे हैं, भारत में १९५२ से ही चीते लुप्त हो गये हैं। जिन्हें मध्यप्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में छोड़ा जाएगा। यह दुनिया का पहला ऐसा चीता स्थानांतरण है। चीतों को विशेष विमान से ग्वालियर लाया जा रहा है।
