Saturday, April 18, 2026

शेक्सपियर के नाटक

शेक्सपियर के नाटक

रुस ने यूक्रेन के ख़िलाफ़ लड़ाई छेड़ दी है।संभवत: दुनिया विश्व युद्ध की ओर बढ़ रही है।जून सोसाइटी के लिए काम करने वाली वर्तमान एजेंसी की जगह दूसरी लाना चाहते हैं, विरोध होगा, पर वह सुनने के लिए तैयार हैं। आज सुबह सात बजे वह कमेटी के कुछ सदस्यों के साथ  किसी अन्य सोसाइटी में नयी एजेंसी का काम देखने गये थे, बारह बजे लौटे। नूना ने पौधों को बचाये रखने वाली एक पुस्तक पढ़नी शुरू की है, जो असम की रहने वाली तृष्णा बोरा ने लिखी है। पापाजी से बात हुई, उन्हें ‘बाल्मीकि रामायण’ का काव्य रूपांतरण पढ़ने को कहा है। पता नहीं क्यों, ऐसा लग रहा है, कि यह सब कल लिखा था, पर डायरी का यह पन्ना ख़ाली है, शायद सपने में लिखा हो ! ज़िंदगी कितनी रहस्यमयी है ! छोटे भाई का फ़ोन आया, वह लेह में है। दीदी-जीजा जी अपना चंडीगढ़ वाला घर बेचना चाहते हैं।


सुबह उठने से पूर्व गुरुजी को सपने में देखा, वह उनके घर में ही हैं शायद, एक कुर्सी पर उन्हें बैठने के लिए कहती है, फिर पानी के लिए पूछती है। वह कहते हैं,  हाँ, पानी पियेंगे, गिलास में पानी भरकर ट्रे में रखा है, पर लगता है, गुरुजी हैं तो साथ में कुछ और भी तो हो, ख़ाली पानी कैसे देगी। तभी कुछ और लोग भी आ जाते हैं माला आदि लेकर, जून भी खड़े हैं। जब तक वह ट्रे लेकर जाती है, जून कहते हैं, वहाँ नो एंट्री है, स्वप्न टूट जाता है। सुबह के स्वप्न जगाने के लिए आते हैं। गुरुजी को अभी-अभी सुना, वह कितने शांत और सहज लग रहे थे। जून आज भी कई घंटे बाहर रहे, उनकी मीटिंग्स लंबी होती जा रही हैं। पापाजी ने रामायण पढ़ी, उन्हें अच्छी लगी। उन्होंने बताया, चचेरी बहन का कॉलेज में पढ़ने वाला बेटा सामाजिक कार्य करता है, देहरादून के विधायक से उसने अपने रेस्तराँ का उद्घाटन कराया, काफ़ी आगे जाएगा, बहुत होशियार है। उसे दादाजी का ध्यान हो आया, वह भी राजनीति में बहुत सक्रिय रहते थे, सम्भवत: उनका कुछ असर आया होगा।  


आज जून ने मतदान पहचान पत्र के लिए आवेदन पत्र भर दिया है, बनने में तीन-चार महीने लगेंगे। कल पहली बार वे एग्री मॉल गये।जहाँ हज़ारों की संख्या में पौधे और फूल थे। उससे पूर्व ‘पाकशाला’ में दोपहर के भोजन के बाद नन्हे के एक मित्र के घर जाना हुआ, वह भी पौधों के विशाल मॉल में साथ गया।उन्होंने कुछ विशेष पौधे भी लिए जो वर्षों तक उनके बगीचे की शोभा बनेंगे। शाम को शिवरात्रि के लिए गुरुजी द्वारा पूर्व में दिये गये एक  प्रवचन का हिन्दी अनुवाद किया। 


कल शिवरात्रि थी। पहली बार नूना ने आधी रात तक जागकर टीवी के बड़े से स्क्रीन पर शिव के भजन सुने और साथ ही नृत्य भी किया। बहुत अनोखा अनुभव था। आश्रम में हज़ारों की संख्या में लोग आये हैं, गुरुजी की कृपा दृष्टि पाने के लिए आतुर लोग, भजन की धुनों पर नाचते लोग ! ईशा फ़ाउंडेशन में भी हर वर्ष की तरह भव्य कार्यक्रम हुआ। पहले एक अफ़्रीकी गायक आया, फिर हिमाचल का हंसराज रघुवंशी, जिसने शिव भजन गाकर समां ही बाँध दिया।सुबह समय से नींद खुल गई, कुछ देर स्वामी सुखबोधानन्द जी द्वारा करवाया त्राटक ध्यान किया। बहुत ही प्रभावशाली ध्यान है यह।भगवद् गीता के अध्याय दो का अध्ययन भी चल रहा है। श्लोक संख्या ४,५,६ पर उनकी व्याख्या सुनी। वैसे वह कहते हैं, वह एक्सप्लेन नहीं करते, रेस्पोंड करते हैं।अर्जुन ने जब कहा कि युद्ध करने की बजाय वह भिक्षा माँगकर गुजारा करना सही समझेगा, तब वह संन्यास की तरफ़ इशारा कर रहा था। जिसका लक्ष्य मोक्ष है, इसलिए वह ज्ञान पाने का अधिकारी भी बन गया।उन्होंने कृष्ण की मुस्कान का अर्थ भी बताया। smile के पाँच वर्णों के भाव हैं - एस-स्प्रिचुअल, एम-मनी, आई-इंटेलिजेंस, एल-लोंगेविटी और इ-इमोशनल कोशेंट।जीवन की किसी भी परिस्थिति का सामना ‘स्माइल’ से करना चाहिए। आध्यात्मिक धन पास में हो तो बुद्धि, आयु और भावनात्मक स्थिरता बढ़ती है।     


छत पर सूर्योदय दर्शन करते हुए सूर्य नमस्कार करने का अपना ही आनंद है। दोपहर को ऑनलाइन कन्नड़ा क्लास हुई, एक अन्य महिला भी शामिल हुई।शाम को नन्हा आया था, उनकी एक परिचिता ने अपना कुछ सामान उनके स्टोर रूम में रखवाया है। कोरोना की वजह से कितने ही लोग अपने घर जा रहे हैं। शेक्सपियर की ‘हैमलेट’ पढ़ी आज, जूलियस सीज़र और ए मिडसमर नाइट्स ड्रीम पहले पढ़ी थी, कमाल के लेखक हैं शेक्सपियर! एक से एक प्लॉट्स हैं, भूत, प्रेत, परियाँ सभी हैं उनमें। 


आज बायीं नासिका से एक गंध आ रही है। संभवत: इसका संबंध पाचन क्रिया से है। सुबह चार बजे से पूर्व नींद खुल गई, मन में ईश्वर स्मरण के बजाए, कल दिन में हुई किसी घटना पर विचार चल रहा था। यूक्रेन में तबाही बढ़ती जा रही है, पर युद्ध समाप्त होने का नाम नहीं ले रहा। भारत ने अभी तक किसी भी पक्ष की तरफ़ होने की बात नहीं कही है।दोपहर को वे एक स्थानीय मित्र के यहाँ गये, उनकी बेटी डॉक्टर है, एमडी में दाख़िला ले रही है। 


आज का इतवार विशेष रहा, नन्हा और सोनू कल शाम को ही आ गये थे। सुबह सोसाइटी के बहु उद्देश्यीय मैदान में असोसिएशन की तरफ़ से बच्चों के लिए खेलकूद का आयोजन किया गया था। ढेर सारे बच्चे आये, बाद में पुरस्कार भी दिये गये। सभी को आनंद आया।साढ़े दस बजे कुछ महिलाओं के साथ नूना पंचायत के दफ़्तर पहुँच गई थी। अध्य्क्षा लगभग सवा ग्यारह बजे आयीं। सब मिलकर निकट के एक गाँव में गये, उसके पहले दो झीलें भी देखीं। गाँव में बच्चों व महिलाओं से मिले। एक महिला ने सभी को पीने के लिए शरबत दिया, जो गाँव वालों के अतिथि सत्कार का एक सुंदर उदाहरण था। 


आज सोसाइटी की कमेटी ने नयी एजेंसी नियुक्त करने की बात सबको बता दी है। अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आयी है, अर्थात लोग इसे स्वीकार कर रहे हैं। आज जून यहाँ पहली बार गन्ने का रस लाये। यूक्रेन से हज़ारों विद्यार्थी वापस आ गये हैं, पर अभी भी कई शेष रह गये हैं। पुतिन ने कुछ शहरों में युद्ध विराम कर दिया है। 


आज ‘विश्व महिला दिवस’ है, पूरी दुनिया में कई तरह से मनाया गया, नापा में अस्थायी क्लब में महिलाओं के लिए एक प्रसिद्ध अस्पताल की तरफ़ से निःशुल्क मेडिकल कैंप लगाया गया। नाश्ते के बाद नूना यहाँ आ गई थी, डॉक्टर्स की टीम पहले ही वहाँ आ चुकी थी। उसने चेकअप कराया। दस दिनों का दवा का एक कोर्स दिया है, इसके बाद पूरे शरीर की जाँच के लिए अस्पताल जाना है। कल जून वहाँ आने वाली सभी महिलाओं के लिए चॉकलेट्स मँगवाने वाले थे, पर स्टोर में खत्म हो गयीं, ओरियन बिस्किट्स मँगवाये। शाम को प्रधानमंत्री ने महिला संतों को वर्चुअली संबोधित किया, वे सब कच्छके धोरदो में एकत्रित हुई थीं। महिला संतों के योगदान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, कच्छ में महिलाओं ने कठोर प्राकृतिक आपदाओं का सामना किया है।


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