Thursday, December 24, 2020

मैन वर्सेज वाइल्ड

 

रात्रि के आठ बजने को हैं, टीवी पर तेनाली रामा आ रहा है, रामा का बेटा बहुत नटखट है. पिछले हफ्ते वे गोहाटी गए थे, कल ही लौटे हैं. सुबह उठकर टीवी चलाया तो पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के निधन का दुःखद समाचार मिला, भीतर तक पीड़ा हुई. इतनी प्रखर वक्ता और संवेदनशील नेत्री के इतनी कम आयु में असामयिक निधन से सारा देश व्याकुल हो रहा है. हजारों लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. पक्ष के हों या विपक्ष के सभी नेता उन्हें नमन करने आये. दुनिया भर के नेताओं तथा विदेश मंत्रियों ने शोक व्यक्त किया है. धारा 370 खत्म होने के बाद कश्मीर में हालात सामान्य हैं. अभी भी धारा 144 लागू है. राष्ट्रीय रक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने कश्मीर में जाकर स्थानीय लोगों से मुलाकात की. हालात धीरे-धीरे और सामान्य होने लगेंगे. पाकिस्तान ने भारत से सारे संबंध तोड़ने का फैसला कर लिया है. व्यापार तथा राजनयिक संबंध दोनों ही. समझौता एक्सप्रेस को वाघा बार्डर पर ही रोक दिया. उच्चायुक्त को वापस भेज दिया . पाकिस्तान अपना क्रोध, दुःख  व शर्मिंदगी को किसी न किसी तरह तो व्यक्त करेगा ही. वह अपनी शिकायत यूएन भी ले जाना चाहता है किंतु उसकी बात को शायद ही कोई सुनेगा. भारत का मानना है कि यह उसका आंतरिक मामला है. सारा देश कश्मीर को खुशहाल देखना चाहता है. 


आज रात्रि आठ बजे प्रधानमंत्री देश को संबोधित करेंगे. आज योग कक्षा में वह साधिका आयी थी, जिसे चोट लग गयी थी. अभी भी पूरी तरह ठीक नहीं हुई है. आज उसने पके कटहल के कोये निकलवाये, जून को इसकी गंध जरा भी पसन्द नहीं है. उसके बीज घर में रखने पर भी नाराजगी दिखा रहे थे, उसने ईश्वर से प्रार्थना की उन्हें प्रसन्नता प्रदान करे. एक सखी के यहाँ गयी जिसके पतिदेव को हल्का हृदयाघात हो गया था. वे लोग कुछ दिनों बाद चेकअप के लिए देहली जायेंगे. अभी कुछ देर पूर्व समाचारों में सुना, श्री प्रणव मुखर्जी को भारत रत्न से सम्मानित किया गया है. मौसम बेहद गर्म है आज, सुबह तेज वर्षा हुई, वे बारिश में खूब भीगे. नैनी ने तस्वीरें खींची, उसे चिंता है कि- उनके जाने के बाद नए साहब उसे काम के लिए रखेंगे या नहीं.  


आज शाम को एक दक्षिण भारतीय सखी के घर वरलक्ष्मी की पूजा में सम्मिलित होने गयी. बहुत सुंदर आयोजन था, प्रसाद भी स्वादिष्ट था, लेमन राइस, इमली राइस, स्वीट राइस और नारियल वाले काले चने. क्लब में टेक्निकल फोरम था, गोहाटी से एक साइकिलिस्ट व उनकी पत्नी आये थे, वे दोनों साईकिल पर लंबी- लंबी यात्रायें कर चुके हैं. उनका भाषण बहुत ही रोचक था, प्रकृति के साथ रहने व व्यायाम करने के बहुत से लाभ भी उन्होंने बताये.  गोहाटी में  केन का कुछ सामान खरीद कर बुक किया था, आज  पहुँच गया. असम की यादों को सदा सजीव रखने के लिए यहाँ के विश्वप्रसिद्ध बांस के फर्नीचर से बढ़कर और क्या हो सकता है. जून ने एक रॉकिंग चेयर ली है अपने लिए, सेवा निवृत्ति के बाद आराम से उसमें झूलते रहने के लिए ! जो फर्नीचर वे अपने साथ ले जाने वाले हैं, उसे पॉलिश भी करवाया है. 


आज प्रधानमंत्री का एक सुंदर कार्यक्रम देखा, ‘मैन वर्सेस वाइल्ड”,  जिसमें उन्होंने उत्तराखण्ड के जिम कार्बेट नेशनल पार्क में कई किमी पैदल यात्रा की. नदी में भी यात्रा की और जानवरों के भय से मुक्त होकर बेयर ग्रिल्स के साथ बातचीत की. अच्छा लगा उनकी बातें सुनकर, कितने सहज लग रहे थे वह, कितने सामान्य और इसीलिए वह इतने विशेष भी हैं वह ! आज दिन में एक सखी ने सावन के उत्सव के लिए बुलाया था, सभी ने सावन के गीत गाए, मेहँदी लगाई और पारंपरिक पकवान खाये. कल रक्षाबंधन के लिए मृणाल ज्योति जाना है, वे इस बार सभी को दोपहर का भोजन खिला रहे हैं, जून भी दफ्तर से वहीं आएंगे. कश्मीर में हालात सामान्य हो रहे हैं. पन्द्रह अगस्त मनाने की तैयारियां भी चल रही हैं, उस दिन दशकों बाद पूरे कश्मीर में झंडा फहराया जायेगा. 


उस पुरानी डायरी में उस दिन के पन्ने पर भी महादेवी वर्मा की एक कविता ही लिखी थी, शायद यह कविताएं उसे आज के लिए ही तैयार कर रही थीं, जब जीवन एक सरस् जलधारा सा बहता प्रतीत होता है समता का सूरज मानस के क्षितिज पर उगता हुआ लगता है तो यह कविताएं जो दशकों पहले उसने बिना समझे ही अपनी डायरी में उतारी थीं, उसके भविष्य को बता रही थीं, जिसकी उस समय दूर-दूर तक कोई झलक भी नहीं मिलती थी. क्योंकि अगले ही पन्ने पर उसने लिखे थे, “अर्थहीन असम्बद्ध शब्दों का एक रेला ही सही, कुछ तो लिखे” ! सम्भवतः मानव का अवचेतन उसके चेतन मन से ज्यादा छुपाये है. 


सखी मैं हूँ अमर सुहाग भरी ! 

प्रिय के अनन्त अनुराग भरी !

किसको त्यागूँ किसको माँगूँ 

है एक मुझे मधुमय, विषमय 


मेरे पद छूते ही होते 

कांटे कलियाँ, प्रस्तर रसमय 

प्रिय के सन्देशों के वाहक 

मैं सुख-दुःख भेटूँगी भुजभर 

मेरी लघु पलकों से छलकी 

इस कण-कण में ममता बिखरी !


12 comments:

  1. अद्भुत! आपकी लेखनी पर में अक्सर अवाक हो जाता हूँ! क्या लिखूँ अब! कुछ समझ नहीं आता!!!

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    1. स्वागत व सुंदर प्रतिक्रिया के लिए विशेष आभार !

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  2. बहुत ही सुंदर कविता के साथ सारगर्भित एवं मन को बांधता लेख..।

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  3. जी नमस्ते ,
    आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा शनिवार (२६-१२-२०२०) को 'यादें' (चर्चा अंक- ३९२७) पर भी होगी।
    आप भी सादर आमंत्रित है
    --
    अनीता सैनी

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  4. सुन्दर प्रस्तुति

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  5. भावनाओं का जीवंत शब्दचित्र नैनाभिराम है । अति सुन्दर ।

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  6. जिज्ञासा जी, सुशील जी, ओंकार जी, शांतनु जी व अमृता जी आप सभी का हृदय से स्वागत व आभार !

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